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अनुदान के इंतजार में ‘उस’ आवासीय आश्रम स्कूल के शिक्षकों का आंदोलन, न्याय की मांग

अनुदान के इंतजार में ‘उस’ आवासीय आश्रम स्कूल के शिक्षकों का आंदोलन, न्याय की मांग

आरपीआई प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने सामाजिक न्याय विभाग से हस्तक्षेप की मांग की

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, : महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के तडवळे स्थित जनकल्याण ग्रामीण विकास संस्था द्वारा संचालित ‘मातृभूमि प्राथमिक एवं माध्यमिक निवासी स्कूल’ के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी पिछले कई वर्षों से अनुदान और न्यायसंगत वेतन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने 15 अगस्त 2026 से तडवळे स्थित जिला परिषद स्कूल परिसर में अनशन शुरू किया है।

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की मांगों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने सामाजिक कल्याण विभाग के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट और सामाजिक न्याय विभाग के मुख्य सचिव को भी ज्ञापन देने की जानकारी दी।

डॉ. चलवादी ने कहा कि वंचित और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा देकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का कार्य करने वाली इस आवासीय आश्रम स्कूल को अनुदान से वंचित रखना सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से उचित नहीं है।

जानकारी के अनुसार, संस्था के अध्यक्ष किशोर मगर अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से स्कूल का संचालन कर रहे हैं। सरकार की ओर से 8 मार्च 2019 को स्कूल के लिए अनुदान मंजूर किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, मंजूरी के बावजूद अब तक वास्तविक अनुदान वितरित नहीं होने से शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

डॉ. चलवादी ने कहा कि ‘ए’ श्रेणी की इस आश्रम स्कूल की जांच कर आयुक्त स्तर से रिपोर्ट सचिवालय को भेजी जाती है। इसके बावजूद यदि कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग से स्कूल के दस्तावेजों, अनुदान मंजूरी और वर्तमान वितरण स्थिति की तत्काल जांच कर वस्तुनिष्ठ निर्णय लेने की मांग की।

उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही आंदोलनरत शिक्षकों और कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले से मुलाकात करेगा।

डॉ. चलवादी ने कहा कि आश्रम स्कूल का अनुदान केवल कर्मचारियों के रोजगार से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के जीवन-यापन और बच्चों की शिक्षा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है।

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