समान नागरिक संहिता की पूरी प्रक्रिया तत्काल रद्द करें; रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष राहुल डंबाले की मांग
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे: समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को लेकर तैयार की गई प्रश्नावली पर सामने आए तीखे मतभेदों के बीच मुंबई हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति आर.सी. चव्हाण ने समिति की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस पृष्ठभूमि में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के गठन की पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा तत्काल रद्द किए जाने की मांग रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष राहुल डंबाले ने की है।
राहुल डंबाले की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि समान नागरिक संहिता जैसे संवेदनशील विषय पर समाज में व्यापक सहमति बनाना आवश्यक था। लेकिन समिति के अध्यक्ष द्वारा पहले से अंतिम रूप दी जा चुकी प्रश्नावली को वेबसाइट पर जारी कर केवल लोगों की प्रतिक्रियाएं एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने तक प्रक्रिया को सीमित रखा गया है। पूर्व न्यायमूर्ति आर.सी. चव्हाण के इस्तीफे से यह बात सामने आई है। इससे पूरी प्रक्रिया पूर्वाग्रह से प्रभावित और केवल औपचारिकता बनकर रह जाने का आरोप लगाया गया है।
डंबाले ने कहा कि न्यायमूर्ति चव्हाण जैसे वरिष्ठ कानून विशेषज्ञ द्वारा आपत्ति दर्ज कराकर समिति से इस्तीफा देना इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करते हुए विभिन्न सामाजिक वर्गों को विश्वास में लिए बिना एकतरफा तरीके से कानून लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
डंबाले के मुताबिक, समिति के अन्य सदस्यों के सुझावों को नजरअंदाज कर तानाशाही तरीके से मसौदा तैयार किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रक्रिया से तैयार होने वाला कानून जनता के लिए अन्यायपूर्ण साबित हो सकता है।
इसी के मद्देनजर रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी ने सरकार से मांग की है कि मसौदा समिति की पूरी कार्यवाही तत्काल रोककर उसे रद्द किया जाए।

