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जनगणना-2027 में स्व-गणना को सफल बनाने में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : अपर जिलाधिकारी

जनगणना-2027 में स्व-गणना को सफल बनाने में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : अपर जिलाधिकारी

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान औरैया उत्तर प्रदेश 

औरैया, । जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देशन में जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना (Self Enumeration) के संबंध में जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अविनाश चंद्र मौर्य की अध्यक्षता में सोशल मीडिया इंफ्लुइंसर एवं सोशल मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027 के महत्व, स्व-गणना की प्रक्रिया, समय-सारणी, गोपनीयता तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जनसामान्य को जागरूक किए जाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

बैठक को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी अविनाश चंद्र मौर्य ने कहा कि जनगणना-2027 देश और समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जनगणना प्रत्येक दस वर्ष में आयोजित होने वाली व्यापक प्रक्रिया है, जिसके आंकड़ों के आधार पर विभिन्न स्तरों पर नीतियों, योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों के निर्माण और क्रियान्वयन में सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि जनगणना में उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाता है। नागरिकों से नाम, जन्मतिथि तथा अन्य आवश्यक व्यक्तिगत विवरणों से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे, लेकिन इन जानकारियों का उद्देश्य किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक करना नहीं है। संकलित सूचनाओं का उपयोग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सांख्यिकीय आंकड़ों के रूप में किया जाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी प्रकार की आशंका, भ्रम अथवा अपुष्ट जानकारी के कारण जनगणना प्रक्रिया से दूर न रहें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 में स्व-गणना (Self Enumeration) को विशेष महत्व दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्वयं स्व-गणना करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान नागरिक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से जनगणना से संबंधित प्रश्नों के उत्तर स्वयं दर्ज कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि स्व-गणना के दौरान लगभग 40 प्रश्नों के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्राप्त की जाएगी। इनमें कई प्रश्न ऐसे होंगे, जिनके उत्तर हां अथवा नहीं में दिए जा सकेंगे। स्वयं जानकारी दर्ज करने का प्रमुख लाभ यह है कि व्यक्ति अपने नाम, जन्मतिथि एवं अन्य आवश्यक विवरण स्वयं भर सकेगा, जिससे जानकारी दर्ज करते समय होने वाली त्रुटियों की संभावना कम होगी।

उन्होंने कहा कि सामान्यतः जब कोई व्यक्ति अपनी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को बोलकर बताता है, तो उसे लिखते समय छोटी-सी त्रुटि होने की संभावना रहती है। इसके विपरीत जब व्यक्ति स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करता है, तो विवरण के सही एवं सटीक होने की संभावना अधिक रहती है। इस दृष्टि से स्व-गणना सटीक, गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय जनगणना आंकड़े तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अपर जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया इंफ्लुइंसरों से कहा कि जनगणना के दौरान कुछ प्रश्नों को लेकर नागरिकों के मन में जिज्ञासा अथवा संशय उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा कि बैंक खाते, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा EPIC नंबर जैसे विषयों से संबंधित प्रश्नों के संबंध में लोगों को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। इन प्रश्नों का उद्देश्य किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग करना नहीं, बल्कि निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप आवश्यक सांख्यिकीय जानकारी प्राप्त करना है।

उन्होंने कहा कि जनगणना में उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी की सुरक्षा एवं गोपनीयता का विशेष प्रावधान है। इसलिए सोशल मीडिया इंफ्लुइंसर अपने-अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को सही जानकारी दें और किसी भी अपुष्ट सूचना, अफवाह अथवा भ्रम को बढ़ावा न दें।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बन चुका है। जनपद में बड़ी संख्या में ऐसे सोशल मीडिया इंफ्लुइंसर हैं, जिनसे हजारों और लाखों लोग जुड़े हुए हैं। यदि सभी इंफ्लुइंसर जनगणना-2027 एवं स्व-गणना के संबंध में सही, प्रमाणिक और सकारात्मक जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित करें, तो बड़ी संख्या में नागरिकों को जागरूक किया जा सकता है।

उन्होंने इंफ्लुइंसरों से आग्रह किया कि वे स्व-गणना की निर्धारित अवधि के दौरान लगातार जागरूकता संदेश प्रसारित करें तथा नागरिकों को स्वयं एवं अपने परिवार की स्व-गणना करने के लिए प्रेरित करें।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक एवं सुपरवाइजर घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रगणक मोबाइल एप के माध्यम से घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे।

उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान यह प्रयास किया जाएगा कि जनपद में कोई भी पात्र व्यक्ति जनगणना में शामिल होने से वंचित न रह जाए। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी। कोई व्यक्ति जनगणना से न छूटे, यह हम सभी की जिम्मेदारी

उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऐसे व्यक्तियों की भी गणना की जाएगी, जो सामान्य रूप से घरों में निवास नहीं करते हैं, जैसे बेघर व्यक्ति अथवा खुले स्थानों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर अस्थायी रूप से रहने वाले लोग। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना में समाज के किसी भी वर्ग अथवा व्यक्ति की गणना छूटने न पाए।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वच्छता सहित अन्य जनहितकारी अभियानों में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है, उसी प्रकार जनगणना-2027 में भी नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने छोटे-छोटे दायित्वों को ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ निभाए, तो समाज और जनपद में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया इंफ्लुइसरों से अपील की कि वे जनगणना-2027 को जन-अभियान का स्वरूप देने में प्रशासन का सहयोग करें और अधिक से अधिक लोगों तक स्व-गणना से संबंधित सही जानकारी पहुंचाएं।

बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी अविनाश चंद्र मौर्य ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि “जनगणना-2027 में स्वयं भाग लें, निर्धारित अवधि में स्व-गणना करें और अपने परिवार की सही एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”

उन्होंने सोशल मीडिया इंफ्लुइंसरों से भी अपेक्षा की कि वे अपने प्रभावी माध्यमों का उपयोग करते हुए जनगणना-2027 के प्रति लोगों को जागरूक करें, स्व-गणना की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दें तथा नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रम से बचाते हुए प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराएं।

बैठक में अपर जिला सूचना अधिकारी ओमवीर सिंह, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र सिंह सहित संबंधित अधिकारीगण एवं सोशल मीडिया इंफ्लुइंसर उपस्थित रहे।

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