यूपी के शाहजहांपुर में शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान शाहजहांपुर यूपी
यूपी के शाहजहांपुर में शिव मंदिर में दो साधुओं की ह*त्या कर दी गई। इसके बाद मंदिर में ही लकड़ी की चिता बनाकर श*वों को जला दिया गया। गुरुवार सुबह 7 बजे गांव वाले मंदिर से धुआं उठता देखकर पहुंचे। एक साधु का श*व जल रहा था, जबकि दूसरे का श*व जलकर कंकाल बन चुका था।
दोनों शव एक-दूसरे से 10 मीटर दूर पड़े थे। वारदात जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर खुदागंज की है। साधुओं की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर में रहते थे।
• गांव के लोगों ने बताया- अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले साधु गोपाल दास (70) कथावाचक थे। वह करीब 20 साल से मंदिर में रह रहे थे, जबकि बिहारी दास (60) हमारे ही गांव के रहने वाले थे। पहले बिहारी दास सूथा गांव के ही ठाकुर जी मंदिर में रहते थे। एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने। इसके बाद दोनों शिव मंदिर में रहने लगे थे।
• गांव में ही रहने वाले बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह ने बताया- पास में ही रहने वाले सुमित ने ह*त्या की है। उसने कई बार इन पर हमला किया था। वहीं, मंदिर में साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल ने बताया- सुबह 7 बजे मंदिर पहुंचा तो श*व जलते मिले। रात में उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। बुधवार दोपहर 3 बजे आखिरी बार मिला था। इसके बाद मैं घर चला आया था।
ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था। उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और कार जलाने समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है। उस पर पूर्व में आगजनी की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। बताया जा रहा है कि उसके पिता का नाम भी हिस्ट्रीशीटर के रूप में सामने आता रहा है। हालांकि, आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और वारदात के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दो वृद्धों को मंदिर परिसर में बांधकर जिंदा जलाने की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीके, जमीन के विवाद की पृष्ठभूमि और आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।



