
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने प्रेस वार्ता में कैबिनेट निर्णयों की दी जानकारी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान लखनऊ उत्तर प्रदेश
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित पी-4 पार्किंग में लगभग सात एकड़ क्षेत्रफल में 265 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पीपीपी मॉडल पर एकीकृत सिटी बस टर्मिनल एवं वाणिज्यिक क्षेत्र का विकास कराया जाएगा। इससे नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने, यातायात प्रबंधन में सुधार लाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इसमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर) शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत वाणिज्यिक संचालन शुरू होने से 12 वर्ष तक अनुबंध प्रभावी रहेगा तथा टैरिफ और उपयोगकर्ता शुल्क का निर्धारण सरकार द्वारा किया जाएगा।
नगर विकास मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि विकास प्राधिकरणों के बाहर स्थित नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में भवन निर्माण और विकास संबंधी उपविधियां लागू नहीं होने के कारण अनियोजित विकास तथा अनधिकृत निर्माण जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1916 में संशोधन के माध्यम से नगर पालिकाओं को भूमि उपयोग, मास्टर प्लान, भवन अनुज्ञा और विकास नियंत्रण से संबंधित शक्तियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही, विकास प्राधिकरणों में लागू भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां-2025 को नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में भी लागू किया जाएगा। इससे नगरीय क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।



