
आंबेडकर भवन शेज़ारी की जमीन बिल्डर को देने का फैसला रद्द, आंदोलनकारियों ने जताया आभार
पुणे: मंगळवार पेठ स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक भवन के बगल की जमीन भवन विस्तार के लिए देने की आंबेडकरी समाज की लंबे समय से मांग थी। लेकिन यह जमीन एक निजी बिल्डर को देने का निर्णय लिया गया था। आंबेडकरी समाज के तीव्र विरोध और आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यह निर्णय रद्द कर दिया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भवन विस्तार कृती समिति ने इस निर्णय का स्वागत किया है और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।
आंदोलन के निमंत्रक शैलेंद्र चव्हाण ने कहा— “राज्य शासन ने आंबेडकरी जनभावना और आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए निजी विकसक के काम को रोकने का निर्णय लिया है, इसके लिए हम शासन और मुख्यमंत्री के आभारी हैं। यह जीत आंबेडकरी संगठनों की एकजुटता और सामाजिक संगठनों के दबाव का परिणाम है।”
आंदोलन के समन्वयक राहुल डंबाळे ने कहा— “25 वर्षों से चल रही यह लड़ाई दो पीढ़ियों की जीत है। अब जनता की अपेक्षा है कि इस जगह पर जल्द से जल्द बाबासाहेब का भव्य स्मारक बनाया जाए। हम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय नागरी उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ और पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार का भी आभार व्यक्त करते हैं।”
समन्वयक परशुराम वाडेकर ने बताया कि समिति ने इस मामले में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से लगातार संपर्क किया था और 15 अगस्त को 50-60 हजार लोगों के साथ धरना आंदोलन की तैयारी की जा रही थी। आंबेडकरी समाज की भावनाओं को देखते हुए सरकार ने निजी बिल्डर को जमीन देने का निर्णय रद्द कर दिया है। अब समिति की मांग है कि जल्द से जल्द इस स्थान पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का भव्य स्मारक बनाया जाए।
आंबेडकर आंदोलन द्वारा किए गए संघर्ष को सफलता मिली है, और महामंडल द्वारा दिए गए स्थगन के निर्णय का डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक भवन विस्तार समिति की ओर से स्वागत करता हूँ।
आंबेडकर आंदोलन के कार्यकर्ताओं के लिए आज का दिन खुशी का है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ, उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ सहित इस संघर्ष में साथ देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
यह आंबेडकर समाज की अस्मिता का विषय है, इसलिए केवल स्थगन न देकर इस अनुबंध को रद्द किया जाए, इसके लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।— एड. अविनाश साळवे

