
पुस्तक दहीहंडी अभियान के 21 वर्ष पूरे – वंदेमातरम् संघटना का अनूठा प्रयास
स्पीकर की दीवारों की जगह अब पुस्तकें – अनाथालयों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचेगी ज्ञान की रोशनी
पुणे: महाराष्ट्र में सामाजिक एकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश देने वाला “पुस्तक दहीहंडी” अभियान इस वर्ष अपने 21वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। वंदेमातरम् संघटना, युवा फिनिक्स सोसायटी ट्रस्ट, युवा वाद्य पथक ट्रस्ट और श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट ने मिलकर इस पहल को पूरे राज्य में फैलाया है, जिसके तहत स्पीकर और शोरगुल की जगह पुस्तकों की दीवारें खड़ी की जाती हैं।
कार्यक्रम 15 अगस्त 2025 को प्रातः 11:00 बजे से 12:30 बजे तक एस. पी. महाविद्यालय, पुणे में आयोजित होगा। मुख्य अतिथि होंगे श्री राजेश पांडे (भाजपा, महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव) और श्री पुनित दादा बालन (पुनित वलन समूह)।
संघटना के अध्यक्ष सचिन भारती शिवाजी जामगे ने बताया कि इस पहल से अब तक अनेक अनाथालयों के पुस्तकालय समृद्ध हुए हैं। हाल के वर्षों में, पुस्तकें गढ़चिरौली जैसे नक्सल-प्रभावित इलाकों के गाँवों और बस्तियों तक आदर्श मित्र मंडल के माध्यम से पहुँची हैं। इस वर्ष भी, पुस्तकें ममता फाउंडेशन, रुईया मूकबधिर विद्यालय और आदर्श मित्र मंडल के जरिये गढ़चिरौली के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जाएँगी।
दहीहंडी जैसे लोकप्रिय त्योहार में जहाँ पहले स्पीकर टॉवर, लेज़र शो और अनुचित नृत्य का बोलबाला था, वहाँ यह अभियान न केवल शोर और प्रदूषण कम करता है, बल्कि समाज में शिक्षा और ज्ञान के प्रचार का भी माध्यम बन गया है।
इस कार्यक्रम की जानकारी एस. एस. जामगे / सचिन भारती शिवाजी जामगे(अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य) ने एक पत्रकार परिषद में दी है।



