पूणे

फाउंटन पेन प्रेमी पुणेकरों के लिए ‘द पुणे फाउंटन पेन शो’ का पर्व, 26 से 28 सितंबर तक होगा आयोजन – देश-विदेश के दुर्लभ पेन देखने का अवसर

फाउंटन पेन प्रेमी पुणेकरों के लिए ‘द पुणे फाउंटन पेन शो’ का पर्व, 26 से 28 सितंबर तक होगा आयोजन – देश-विदेश के दुर्लभ पेन देखने का अवसर

 

पुणे: फाउंटन पेन (शाईपेन) के प्रति खास लगाव रखने वालों के लिए खुशखबरी है। भारत का एकमात्र फाउंटन पेन शो – द पुणे फाउंटन पेन शो – इस वर्ष 26 से 28 सितंबर के बीच आयोजित किया जा रहा है। द इंक अँड पेन्स की ओर से यह प्रदर्शन फर्ग्युसन रोड, ज्ञानेश्वर पादुका चौक स्थित वन प्लेस में होगा। इसमें देश-विदेश के आकर्षक और दुर्लभ पेन, विभिन्न रंगों की शाई तथा फाउंटन पेन से जुड़ी एक्सेसरीज़ उपलब्ध होंगी।

 

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 26 सितंबर को सुबह 10:30 बजे मुंबई उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप कर्णिक करेंगे। इस अवसर पर भाजपा पुणे शहर के उपाध्यक्ष मनोज खत्री भी उपस्थित रहेंगे। तीन दिन चलने वाले इस कार्यक्रम का समय रोजाना सुबह 10:30 से रात 8:30 बजे तक रहेगा और प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क है।

 

यह फाउंटन पेन शो इस वर्ष अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में केवल फाउंटन पेन ही प्रदर्शित होंगे—बॉलपेन या रोलरपेन नहीं। यहाँ लॅमी, पेलिकन, वॉटरमन, पारकर, पायलट जैसी नामी कंपनियों के पेन देखने को मिलेंगे। भारतीय और विदेशी ब्रांड के नवीन, आकर्षक और दुर्लभ पेन, विभिन्न रंगों की उच्च गुणवत्ता वाली शाई, तथा पेन के स्पेयर पार्ट्स भी उपलब्ध रहेंगे।

 

इस बार लोटस पेन के अरुण सिंघी द्वारा तैयार श्रीमंत थोरले बाजीराव पेशवा पर आधारित स्पेशल एडिशन पेन भी प्रदर्शनी में पेन प्रेमियों के लिए उपलब्ध रहेगा। साथ ही पुराने पेन की मरम्मत और हस्तलेखन सुधार पर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

 

यहाँ पेन 100 रुपये से लेकर उच्च श्रेणी तक उपलब्ध रहेंगे। हर साल की तरह इस बार भी हस्तलेखन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें 10 वर्ष से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक भाग ले सकते हैं। प्रतिभागियों को घर से फाउंटन पेन से लिखा हुआ भारत का राष्ट्रगान (जन गण मन) प्रदर्शनी में जमा करना होगा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा और परिणाम 7 नवंबर, विश्व फाउंटन पेन दिवस पर घोषित किया जाएगा।

 

द इंक अँड पेन्स की संचालिका रश्मी नगरकर-पिल्ले ने बताया कि सुंदर हस्तलेखन से व्यक्तित्व निखरता है और बच्चों की बौद्धिक क्षमता भी बढ़ती है। शालेय स्तर पर शाई पेन के उपयोग को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से पिछले पाँच वर्षों से इस पेन शो का आयोजन हो रहा है। हाल के वर्षों में लोगों में शाई पेन के प्रति जागरूकता बढ़ी है और इस तरह के प्रदर्शन से उन्हें बड़ा लाभ मिल रहा है।

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