
कृषि स्नातक वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर समाज में उदाहरण पेश करें – कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के हाथों ‘एग्रीकॉस 2025’ दीपावली अंक का लोकार्पण
पुणे, मोहन तोमर: महाराष्ट्र में विभिन्न क्षेत्रों में कृषि स्नातकों ने उल्लेखनीय ऊंचाई प्राप्त की है। कई उद्योजक, राजनेता, प्रशासकीय अधिकारी और वैज्ञानिक कृषि पृष्ठभूमि से हैं। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहकर, वैज्ञानिक पद्धति से खेती करके समाज में आदर्श प्रस्तुत करना आज की आवश्यकता है। खेती केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है, जिसे जीवित रखना हमारा प्रथम कर्तव्य है।
वे पुणे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्यालय में आयोजित ‘एग्रीकॉस मासिक’ के ‘एग्रीकॉस दीपावली अंक 2025’ के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशीलकुमार शिंदे, यशदा के अतिरिक्त महासंचालक डॉ. शेखर गायकवाड, पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ. दिगंबर दुगाड़े, उपाध्यक्ष सुनील चांदेरे तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अनेक मान्यवर उपस्थित थे।
श्री भरणे ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्हें पुनः खड़ा करने के लिए राज्य सरकार ने ₹31,600 करोड़ का विशेष सहायता पैकेज घोषित किया है। कृषि विभाग की 50 से अधिक योजनाएं किसानों के लाभ के लिए चल रही हैं। आज का समय खेती की दिशा बदलने का संकेत दे रहा है, ऐसे में कृषि स्नातकों को अपने ज्ञान का उपयोग कर किसानों को मार्गदर्शन देना चाहिए।
‘एग्रीकॉस दीपावली अंक 2025’ – किसानों के अनुभव, शोध और युवाओं की सृजनशीलता का उत्सव
कृषि मंत्री ने कहा कि यह अंक कृषि, ग्रामीण जीवन, नवाचार और हास्य-लेखन का सुंदर संगम है। डॉ. शेखर गायकवाड और उनकी टीम ने कृषि स्नातकों को एक मंच पर लाकर उनकी सामूहिक शक्ति का सकारात्मक उपयोग किया है। राज्य की पहली कृषि स्नातक सहकारी संस्था ‘स्टेट एग्रीकॉस को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी’ भी स्थापित की गई है, जो भविष्य में किसानों के बच्चों को शैक्षणिक एवं वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
श्री भरणे ने कहा कि जैसे शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों में माजी विद्यार्थी संघ (एलुमनाई एसोसिएशन) की स्थापना को मंजूरी दी है, वैसे ही कृषि विभाग भी इस दिशा में कदम उठाएगा। उन्होंने पुणे कृषि महाविद्यालय में माजी विद्यार्थी संघ को उचित स्थान देने का भी आश्वासन दिया।

