पिंपरी चिंचवड

आईएफएससी एशियन किड्स चैंपियनशिप 2025 का समापन — कोरिया ने 18 पदकों के साथ किया दबदबा कायम, भारत ने जीते 7 पदक

आईएफएससी एशियन किड्स चैंपियनशिप 2025 का समापन — कोरिया ने 18 पदकों के साथ किया दबदबा कायम, भारत ने जीते 7 पदक

 

पिंपरी-चिंचवड़, : — पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC), महाराष्ट्र स्पोर्ट क्लाइंबिंग एसोसिएशन (MSCA) और इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “आईएफएससी एशियन किड्स चैंपियनशिप 2025” का समापन हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 पदक जीते, जबकि दक्षिण कोरिया ने 18 पदकों के साथ अपना वर्चस्व बनाए रखा।

 

एशिया के 13 देशों के 160 से अधिक युवा पर्वतारोही खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। लीड, बोल्डर और स्पीड — इन तीन विधाओं में U-13 और U-15 वर्गों के लड़के-लड़कियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। दक्षिण कोरिया ने लीड और बोल्डर में बाजी मारते हुए 7 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य पदक जीते। वहीं भारतीय खिलाड़ियों ने स्पीड क्लाइंबिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए U-13 वर्ग में सभी पदक अपने नाम किए। जापान ने बोल्डर और लीड में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र और झारखंड के खिलाड़ियों ने भारत की युवा पर्वतारोहण क्षमता का परिचय दिया।

 

समापन समारोह में महाराष्ट्र स्पोर्ट क्लाइंबिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र शेलके ने कहा, “पिंपरी चिंचवड़ में निर्मित क्लाइंबिंग कॉम्प्लेक्स देश के सबसे आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है। यहां से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे। भारत को 7 पदक मिले, जिनमें पुणे की मिली का भी समावेश है — यह गर्व की बात है।”

 

आईएफएससी पंच पैनल के प्रमुख श्रीकृष्ण कडूसकर ने कहा कि एशियाई प्रतियोगिता का सफल आयोजन “मिशन ओलंपिक 2036” की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में पिछले दो दशकों में क्लाइंबिंग संस्कृति को मजबूत आधार मिला है। चिंचवड़ के अण्णासाहेब मागर स्टेडियम और शिवाजीनगर के राजे शिवाजी क्लाइंबिंग वॉल से लेकर अब पिंपळे सौदागर के विश्वस्तरीय कॉम्प्लेक्स तक की यह यात्रा चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रेरणादायी रही है।

कडूसकर ने कहा कि विदेशी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने भी पिंपळे सौदागर की सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे “अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त स्थल” बताया, जो पुणे की खेल संस्कृति के लिए गर्व की बात है।

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