
जिनके घर माता-पिता हैं वही सबसे धनी – प्रा. वसंत हुंकारे
विशाल समाचार | पुणे,
“जिस मनुष्य के घर में माता और पिता हैं, वह संसार का सबसे धनी व्यक्ति है।” ऐसा स्पष्ट मत प्रा. वसंत हुंकारे ने व्यक्त किया। अण्णाभाऊ साठे सभागार, येरवडा में स्व. मरिअप्पा चलवादी की स्मृति में इयत्ता सातवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों व पालकों के लिए आयोजित विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम “कभी भी न समझ में आने वाले आई-बाप – भटकी हुई तरुणाई और न समझे गए माता-पिता को समझने का प्रयत्न” इस विषय पर तेाे संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में डॉ. हुलगेश चलवादी, एडवोकेट रेणुका चलवादी (शिर्के), स्वप्निल शिर्के, प्राचार्या स्मिता लोंढे तथा व्यवस्थापिका सायली शिंदे उपस्थित थीं।
मार्गदर्शन करत हुए प्रा. हुंकारे ने कहा कि जीवन में हमारा एक ही देव है— पिता, और एक ही देवी— माता। जब तक माता-पिता का श्वास है, तब तक उनका सन्मान, सेवा और प्रेम करना ही परम धर्म है। “परमेश्वर उसी पर प्रसन्न होता है जो अपने माता-पिता को सच्चे मन से आदर देता है,” ऐसा उन्होंने आवर्जून सांगितला।

उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहने, प्रतिदिन व्यायाम करने तथा शरीर को निरोगी रखने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान, कुछ विद्यार्थियों को उनके पिता के साथ मंच पर आमंत्रित किया गया। प्रा. हुंकारे द्वारा ‘पिता कैसा होता है’ यह समजावून सांगितल्यानंतर सभी विद्यार्थियों ने अपने-अपने पिता को भावुक होकर गले लगाया। उस क्षण पूरे सभागृह में भावनात्मक शांति पसरली आणि अनेकांच्या डोळ्यातून अश्रू वाहू लागले।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीपप्रज्वलन एवं महान राष्ट्रपुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करके हुआ। प्रमुख अतिथि डॉ. हुलगेश चलवादी और एडवोकेट रेणुका चलवादी (शिर्के) यांनी प्रा. हुंकारे यांचे महात्मा फुले पगड़ी, शाल, संविधान ग्रंथ तथा डायरी भेट देऊन गौरवपूर्वक सन्मान केला।


