
पुणे की दीपाली अमृतकर-तांदळे बनीं ‘मिसेज़ गोल्ड हेरिटेज इंटरनेशनल यूनिवर्स’
— भारतीय संस्कृति और विरासत का विश्व मंच पर प्रभावी प्रदर्शन
पुणे विशाल सिंह: थाईलैंड में आयोजित “मिस एंड मिसेज़ हेरिटेज इंटरनेशनल–2025” प्रतियोगिता में पुणे की दीपाली अमृतकर-तांदळे ने देश का नाम रोशन करते हुए “मिसेज़ गोल्ड हेरिटेज इंटरनेशनल यूनिवर्स” का खिताब जीता। उन्होंने इस वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति और विरासत की कला, परंपरा और सौंदर्य का प्रभावी प्रदर्शन किया, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।

भारत लौटने के बाद पुणे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपाली ने अपने संघर्षपूर्ण सफर को साझा किया। नवी पेठ स्थित पत्रकार भवन में हुए संवाद में उनके पति संतोष, माता सुनंदा, पिता बाळकृष्ण अमृतकर और पुत्र रेयांश उपस्थित थे।
दीपाली पिंपरी-चिंचवड़ के पिंपळे गुरव क्षेत्र की निवासी हैं और आईटी क्षेत्र में कार्यरत हैं। पत्नी और माँ की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक पालन करते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
दीपाली ने कहा,“विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व का क्षण था। किड्स, मिस और मिसेज़ श्रेणी में 25 देशों के 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उनमें से अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन करते हुए यह खिताब जीतना मेरे लिए बेहद संतोषजनक रहा। यह प्रतियोगिता वैश्विक स्तर पर शांति, पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और विश्व विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देती है, जिसका आयोजन एप्लानेट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया जाता है।”

उन्होंने आगे बताया कि प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। दीपाली ने बंगाली, राजस्थानी और मराठी (नौवारी साड़ी) परंपरागत परिधानों में भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन किया और गणेश स्तुति प्रस्तुत की, जिसे दर्शकों ने उत्साहपूर्वक सराहा।
दीपाली का उल्लेखनीय वक्तव्य
“आईटी क्षेत्र में नौकरी के साथ-साथ अपना यह लक्ष्य पूरा करने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की। यह सफर चुनौतियों से भरा था, लेकिन बहुत कुछ सिखाने वाला भी रहा। पत्नी और माँ की जिम्मेदारियाँ निभाते हुए ‘पेजेंट ऑफ हेरिटेज’ में देश का प्रतिनिधित्व करना और यह खिताब जीतना मेरे लिए गर्व व प्रेरणा दोनों है।


