पूणे

पुणे की संस्था ने सड़क निर्माण क्षेत्र में रचा अनोखा रिकॉर्ड

पुणे की संस्था ने सड़क निर्माण क्षेत्र में रचा अनोखा रिकॉर्ड

राजपथ इंफ्राकॉन द्वारा एक ही हाईवे पर, एक ही संस्था के माध्यम से, एक ही सतत अभियान में लगातार चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का पहला विश्व रिकॉर्ड

पुणे, विशाल समाचार: पुणे शहर और आसपास आयोजित हो रही पुणे ग्रैंड टूर अंतरराष्ट्रीय साइकिल प्रतियोगिता के चलते एक बार फिर उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों की चर्चा तेज हो गई है। इस प्रतियोगिता के लिए किए गए बेहतर सड़क विकास कार्य का लाभ आने वाले समय में पुणे जिले के नागरिकों को मिलेगा। साथ ही, देश और राज्य के सर्वांगीण विकास में अच्छे मार्गों का महत्व भी एक बार फिर सामने आया है।

इसी पृष्ठभूमि में सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास क्षेत्र में कार्यरत पुणे की राजपथ इंफ्राकॉन संस्था ने आंध्र प्रदेश के बेंगलुरु–विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-554G) के प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड नेशनल हाईवे के पैकेज-2 और पैकेज-3 पर ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स स्थापित किए हैं। यह अभूतपूर्व उपलब्धि 5 जनवरी से 11 जनवरी 2026 के बीच हासिल की गई। इस बारे में जानकारी राजपथ इंफ्राकॉन के मुख्य प्रबंध निदेशक जगदीश कदम ने पुणे में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।

जगदीश कदम ने बताया कि 1988 में स्थापित राजपथ इंफ्राकॉन को देशभर में जटिल और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तीन दशकों से अधिक अनुभव है। उन्होंने कहा,

“राजपथ इंफ्राकॉन ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी के पास चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं।”

 

चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इस प्रकार हैं—

24 घंटे में लगातार बिछाया गया सबसे लंबा बिटुमिनस कंक्रीट स्ट्रेच

– 9.632 किमी (3 लेन) यानी 28.89 किमी (1 लेन)

24 घंटे में सबसे अधिक मात्रा में बिटुमिनस कंक्रीट का निर्माण

– 10,657 मीट्रिक टन

लगातार बिछाया गया सबसे लंबा बिटुमिनस कंक्रीट स्ट्रेच

– 52.41 किमी (3 लेन) यानी 157 किमी (1 लेन)

(इससे पहले यह रिकॉर्ड 42.2 किमी (2 लेन) था, जो 2022 में इसी संस्था द्वारा बनाया गया था)

लगातार बिछाई गई बिटुमिनस कंक्रीट की सबसे अधिक मात्रा

– 57,982 मीट्रिक टन

उन्होंने बताया कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मूल्यांकन दल द्वारा सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और संस्था को इसके प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुके हैं।

रिकॉर्ड बनाने में उपयोग हुई बड़ी टीम और मशीनरी

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के दौरान—

फीडर सहित 1 सेंसर पेवर

5 हॉट-मिक्स प्लांट्स

70 हायवा टिपर्स

12 टैंडम रोलर्स

5 न्यूमैटिक-टायर्ड रोलर्स (PTRs)

800+ कर्मियों का सटीक समन्वय

और 24 घंटे लगातार मेहनत के दम पर यह रिकॉर्ड संभव हुआ।

कदम ने कहा कि यह प्रयास भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मार्गदर्शन में, कड़े गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया गया। इस दौरान IIT मुंबई (सिविल इंजीनियरिंग विभाग) और COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी का तकनीकी एवं गुणवत्ता निगरानी सहयोग भी मिला। साथ ही प्रयोगशाला परीक्षण, रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण भी निरंतर किया गया।

पहले भी बना चुका है रिकॉर्ड

मई 2021 में कोविड काल के दौरान, राजपथ इंफ्राकॉन ने महाराष्ट्र के सातारा में पुसेगांव से म्हसुरणे के बीच 24 घंटे में 39.691 किमी डामरीकरण कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया था।

इसके बाद 3 से 7 जून 2022 के बीच अमरावती में 42.2 किमी (2 लेन) बिटुमिनस कंक्रीट सड़क बनाकर भारत का पहला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया था।

बेंगलुरु–विजयवाड़ा कॉरिडोर का महत्व

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button