
अपराधियों पर सख्ती, निर्दोषों को संरक्षण की हिदायत
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक
रिपोर्ट विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: इटावा,उत्तर प्रदेश
इटावा,जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989, उ0प्र0 गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम-1986, महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों, पास्को एक्ट सहित अन्य आपराधिक मामलों की गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधी समाज के लिए नासूर हैं, उनके प्रति किसी प्रकार की रियायत न बरती जाए और सामाजिक हित में अपराधियों को सजा दिलाकर जेल भेजा जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निर्दोष व्यक्तियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महिला संबंधी अपराधों एवं पास्को एक्ट से जुड़े मामलों में प्रभावी व त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस एवं अभियोजन अधिकारी एकजुट होकर न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी पैरवी करें, जिससे अपराधियों को समयबद्ध सजा दिलाई जा सके। उन्होंने गुण्डा एक्ट के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई एवं लगातार अपराध करने वालों के विरुद्ध दण्डात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पुलिस को निर्देशित किया कि छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने गैंगस्टर, महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित मामलों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने तथा लंबित प्रकरणों के लिए कार्ययोजना बनाकर निपटारा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ऑपरेशन कनविक्शन के अंतर्गत बड़े अपराधियों को सजा दिलाने पर जोर देते हुए कहा कि उ0प्र0 गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम अपराध नियंत्रण में प्रभावी सिद्ध हुआ है। डीप्टी सीएमओ को निर्देश दिए गए कि सभी मेडिकल रिपोर्टों पर संबंधित डॉक्टर का नाम एवं पदनाम अनिवार्य रूप से अंकित हो।
बैठक के दौरान उत्कृष्ट अभियोजन कार्य के लिए शिवकुमार शुक्ला (डीजीसी क्रिमिनल), नीरा रानी (एपीओ), संजय कुमार (एपीओ) एवं उदय श्याम तिवारी (एसपीओ) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक अभय नाथ त्रिपाठी सहित फौजदारी, पास्को एक्ट, राजस्व, दीवानी, गैंगस्टर एक्ट से जुड़े सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


