
तमिलनाडु में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कामकाज शुरू; जेएलआर की ‘रेंज रोवर इवोक’ बनी यहाँ तैयार होने वाली पहली गाड़ी
रिपोर्ट:विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे,महाराष्ट्र
पुणे: भारत की अग्रणी कार और एसयूवी निर्माता, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) और उसकी सहयोगी कंपनी जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव पीएलसी (जेएलआर), ने आज तमिलनाडु के रानीपेट जिले के पनापक्कम में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के संचालन की घोषणा की।
यह सुविधा टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवी) और जेएलआर दोनों ब्रांडों के लिए अगली पीढ़ी के वाहनों (इलेक्ट्रिक वाहनों सहित) के उत्पादन हेतु विकसित किए जा रहे एक ‘ग्रीनफील्ड प्लांट’ के पहले चरण को दर्शाती है। इस प्लांट से बाहर निकलने वाला पहला वाहन जेएलआर की स्थानीय स्तर पर निर्मित ‘रेंज रोवर इवोक’ है, जो अपनी आधुनिक लग्जरी और बेहतरीन कारीगरी के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
इस प्लांट का औपचारिक उद्घाटन तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिन और टाटा संस व टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन ने किया। इस अवसर पर कई गणमान्य मंत्री, जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ नौकरशाह, सरकारी अधिकारी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जेएलआर व टाटा समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स–जेएलआर संयंत्र का उद्घाटन करते हुए तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिन ने कहा, “टाटा समूह ने राष्ट्र निर्माण में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और तमिलनाडु के साथ इसकी गहरी ऐतिहासिक साझेदारी रही है। पनापक्कम (रानीपेट) में इस नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा की शुरुआत और पहली रेंज रोवर इवोक के रोल-आउट के साथ, राज्य को विश्व स्तरीय ऑटोमोटिव निर्माण के विस्तार का साक्षी बनने पर गर्व है। तमिलनाडु इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का स्वागत करता है और उन उद्योगों को निरंतर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है जो रोजगार पैदा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं और मैन्युफैक्चरिंग व मोबिलिटी के अग्रणी केंद्र के रूप में हमारी स्थिति को मजबूत करते हैं।”

इस अवसर पर टाटा संस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “पनापक्कम प्लांट का उद्घाटन टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार मैन्युफैक्चरिंग में भारत के नेतृत्व को गति देने की टाटा समूह की यात्रा में एक अहम पड़ाव है। हमें तमिलनाडु के साथ अपनी पुरानी साझेदारी को और गहरा करने पर गर्व है, जो एक ऐसा राज्य है जो औद्योगिक उत्कृष्टता, नवाचार और समावेशी विकास को लगातार आगे बढ़ा रहा है। इस सुविधा के माध्यम से हम भारत और दुनिया भर के ग्राहकों के लिए असाधारण गुणवत्ता, कारीगरी और तकनीक वाले वाहन तैयार करने के लिए तत्पर हैं।”
पनापक्कम प्लांट के बारे में
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का पनापक्कम प्लांट विश्व स्तरीय वाहन बनाने के लिए उन्नत मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों और कुशल कार्यबल को एक साथ लाता है।
इस प्लांट का संचालन पूरे तमिलनाडु के शॉपफ्लोर तकनीशियनों की एक विविध टीम द्वारा किया जा रहा है। ये कर्मचारी टाटा मोटर्स के ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जो एक “कमाई के साथ पढ़ाई” पहल है। यह कार्यक्रम तकनीशियनों को शॉपफ्लोर से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की भूमिकाओं तक पहुँचने में मदद करता है। इन युवाओं को पॉलिटेक्निक स्नातकों के राज्य-व्यापी कड़े मूल्यांकन के माध्यम से चुना गया था, जिसके बाद उन्होंने जेएलआर की यूनिट्स में पांच महीने का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा किया, जिससे उन्हें विश्व स्तरीय परिचालन और तकनीकी दक्षता हासिल हुई।
काम के दौरान एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से कंपनी-प्रायोजित बी.टेक डिग्री हासिल करने के अवसर के साथ, ये युवा अपने परिवार की देखभाल करते हुए अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक उन्नति कर सकते हैं। इनकी यह यात्रा दर्शाती है कि कैसे केंद्रित कौशल विकास और स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने से आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग को गति मिल सकती है और स्थायी आर्थिक व सामाजिक प्रभाव पैदा किया जा सकता है।
कामकाज शुरू होने के साथ ही वाहनों का उत्पादन चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। अगले 5-7 वर्षों में यह प्लांट अपनी पूरी क्षमता यानी सालाना 2,50,000 वाहनों के उत्पादन तक पहुँच जाएगा, जो भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स अपनी दीर्घकालिक विकास योजनाओं के समर्थन में इस आधुनिक प्लांट को तैयार करने के लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का इरादा रखती है। इस प्लांट में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है, साथ ही यह कौशल वृद्धि और एक मजबूत सहायक इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देगा।
पनापक्कम प्लांट टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के ‘सस्टेनेबिलिटी-फर्स्ट’ दर्शन का भी उदाहरण है, जिसमें हर स्तर पर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कामकाज को शामिल किया गया है। यह प्लांट पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा (रीन्यूएबल एनर्जी) पर संचालित होने और ‘वॉटर पॉजिटिव’ बनने के लिए डिजाइन किया गया है, जो ऑटोमोटिव क्षेत्र में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा। इसे दक्षता बढ़ाने, उत्सर्जन को न्यूनतम करने और कड़े वैश्विक पर्यावरणीय मानदंडों के पालन के लिए तैयार किया गया है।



