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अपोलो हॉस्पिटल्स ने अपनी एयर एम्बुलेन्स सेवाओं को बनाया बेहतर; भारत और विदेशों में क्रिटिकल केयर को बनाया अधिक सुलभ

अपोलो हॉस्पिटल्स ने अपनी एयर एम्बुलेन्स सेवाओं को बनाया बेहतर; भारत और विदेशों में क्रिटिकल केयर को बनाया अधिक सुलभ

मरीज़ों के ट्रांसफर को सुगम एवं बेहतर बनाने, ट्रांसफर की लागत कम करने के लिए कई एयर एम्बुलेन्स ऑपरेटर्स के साथ एमओयू साईन किए

1066 एमरजेन्सी रिस्पॉन्स नेटवर्क पार्टनर इनेबल्ड एयर-एम्बुलेन्स ट्रांसफर के लिए होगा सिंगल कोऑर्डिनेशन एक्सेस पॉइंट

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान :देश

नेशनल, :अपोलो हॉस्पिटल्स ने आज मरीज़ों के ट्रांसफर के लिए एक संरचित पहल की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य भारत और अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में हवाई मेडिकल ट्रांसपोर्ट के ज़रिए आधुनिक क्रिटिकल केयर को सुलभ बनाना है। पिछले कुछ महीनों में अपोलो हॉस्पिटल्स ने मरीज़ों (जिन्हें तुरंत मेडिकल सहायता की ज़रूरत होती है) के ट्रांसफर को सुगम बनाने के लिए कई नेशनल एवं इंटरनेशनल एयर एम्बुलेन्स सेवा प्रदाताओं के साथ एमओयू साईन किए हैं। अपोलो के 1066 एमरजेन्सी रिस्पॉन्स नेटवर्क के द्वारा संचालित यह पहल इन सेवा प्रदाताओं के ज़रिए मरीज़ों के ट्रांसफर को तेज़ एवं अधिक व्यवस्थित बनाती है। इन औपचारिक साझेदारियों के साथ, अपोलो हॉस्पिटल्स एमरजेन्सी मेडिकल ट्रांसपोर्ट की खामियों को दूर करने के लिए प्रयासरत है, जहां अक्सर मरीज़ों को ट्रांसफर करना मुश्किल और बहुत महंगा पड़ता है, उन्हें ट्रांसफर सुविधाओं के लिए अनौपचारिक बिचौलियों पर निर्भर करना पड़ता है। अपोलो हॉस्पिटल्स ज़रूरतमंद मरीज़ों और उनके परिवारों के लिए इन सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना चाहता है।

एयर एम्बुलेन्स सेवाओं को बेहतर बनाने पर बात करते हुए डॉ प्रीथा रेड्डी, एक्ज़क्टिव वाईस चेयरपर्सन, अपोलो हॉस्पिटल्स ने कहा, ‘‘गंभीर स्थितियों में मरीज़ को जल्द से जल्द सही अस्पताल पहुंचाने से उनकी कीमती ज़िंदगी को बचाया जा सकता है। स्पेशलाइज़्ड एयर एम्बुलेन्स सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी के द्वारा हम अधिक समन्वित एवं पारदर्शी तरीके से मरीज़ों एवं उनके परिवारों के लिए सीमापार आधुनिक देखभाल को भी सुलभ बनाना चाहते हैं। हमारे 1066 रिस्पॉन्स नेटवर्क को इंटीग्रेट करने से मरीज़ को अस्पताल की तैयारी और चिकित्सकीय तालमेल का फायदा मिलता है, इस तरह उन्हें ऐसे समय में ज़रूरी देखभाल आसानी से मिल जाती है, जब इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।’’

 

पहले चरण में अपोलो हॉस्पिटल्स ने डोमेस्टिक एवं इंटरनेशनल ट्रांसफर के लिए कई एयर एम्बुलेन्स सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी की है। इनमें ब्लूडॉट चार्टर्स एंड एयर एम्बुलेंस सर्विसेज़, यूएई; एरोमेड इंटरनेशनल रेस्क्यू सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड; झंकार एविएशन प्राइवेट लिमिटेड; आईसीएटीटी हेल्थ सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड; एयर रेस्क्यूअर्स वर्ल्ड वाइड प्राइवेट लिमिटेड; वेदांत एयर रेस्क्यू प्राइवेट लिमिटेड; एरोकेयर एयर एम्बुलेंस सर्विस; आयुसेवा एयर एंड ट्रेन एम्बुलेंस; एयर मेडिकल 24/7 प्राइवेट लिमिटेड; और फ्लैप्स एविएशन प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन साझेदारियां का उद्देश्य ऐसे गंभीर मामलों में एयर एम्बुलेन्स सपोर्ट को सुलभ बनाना है, जब मरीज़ को जल्द से जल्द अडवान्स्ड टर्शरी और क्वार्टरनेरी केयर सेंटर तक ट्रांसफर करना बहुत ज़रूरी होता है।

 

इस अवसर पर डॉ धवनपलानी अलगप्पन, क्लिनिकल डायरेक्टर, एमरजेन्सी डिपार्टमेन्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स ने कहा, ‘‘एयर एम्बुलेन्स में लाइफ-सपोर्ट सिस्टम, वेंटीलेटर, डीफाइब्रिलेटर और अन्य आधुनिक मेडिकल उपकरण होते हैं, जिससे मरीज़ को ट्रांसफर के दौरान इंटेसिव केयर सपोर्ट मिलता है। पूरी यात्रा के दौरान प्रशिक्षित मेडिकल टीम एवं सर्टिफाईड डॉक्टर मरीज़ पर निगरानी रखते हैं, ज़रूरत पड़ने पर ज़रूरी दवाएं या इलाज दिया जाता है, ताकि मरीज़ को स्टेबल और आरामदायक स्थिति में टर्शरी केयर सेंटर तक पहुंचाया जा सके। क्योंकि क्रिटिकल केयर युनिट में उपलब्ध कराई जाने वाली मेडिकल केयर ट्रांसफर के दौरान भी जारी रहनी चाहिए।’’

इस अवसर पर डॉ रामाकृष्णा विजय वर्मा, चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफिसर, हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स, अपोलो हॉस्पिटल्स ने कहा, ‘‘जैसे ही अपोलो एमरजेन्सी हेल्पलाईन 1066 पर रिक्वेस्ट आती है, एमरजेन्सी रिस्पॉन्स टीम मरीज़ की स्थित का मूल्यांकन कर ट्रांसपोर्ट का सही तरीका तय करती है और पार्टनर ऑपरेटर के साथ मिलकर ट्रांसफर कराती है। एयर एम्बुलेन्स ऑपरेटर- एविएशन लॉजिस्टिक्स का प्रबन्धन करता है। हाल ही में इन सेवाओं का लाभ उठाने वाले मरीज़ों को लागत में काफी बचत हुई है, क्योंकि इसमें रेट पहले से तय होते हैं और बिचौलियों के दखल की कोई गुंजाइश नहीं होती।’’

इस पहल के तहत अपोलो के मौजूदा एमरजेंसी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध 1066 नेटवर्क के साथ जोड़ा गया है। इसमें अपोलो की एमरजेंसी कोऑर्डिनेशन क्षमताएं, बुनियादी एम्बुलेंस सपोर्ट, एयरपोर्ट से अस्पताल तक कनेक्टिविटी और पार्टनर द्वारा संचालित हवाई ट्रांसफ़र शामिल हैं। इससे मरीज़ों को ’बैड-टू-बैड’ तक पूरी मदद मिल पाएगी, रिस्पॉन्स की गति और कुशलता बढ़ेगी, और मरीज़ दूरदराज के इलाकों, टियर 2 और टियर 3 शहरों, और विदेशों से भी बिना किसी रुकावट के आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त कर सकेंगे।

इस लॉन्च के साथ, अपोलो हॉस्पिटल्स इंटीग्रेटेड इमरजेंसी मोबिलिटी और मरीज़ों की सुलभता पर अपना फोकस बढ़ा रहा है। यह ऐसे समय में मेडिकल ट्रांसफ़र के लिए एक ज़्यादा व्यवस्थित ढाँचा तैयार कर रहा है, जब मरीज़ों को जल्द से जल्द इलाज पहुंचाने की ज़रूरत बढ़ रही है।

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