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पायनियर फिल-मेड लिमिटेड ने 500 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी में दाखिल किया डीआरएचपी

पायनियर फिल-मेड लिमिटेड ने 500 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी में दाखिल किया डीआरएचपी

रिपोर्ट: विशाल समाचार

स्थान :पुणे महाराष्ट्र

पायनियर फिल-मेड लिमिटेड (“कंपनी”), भारत में रेलवे और मेट्रो उपकरण तथा लोकोमोटिव और कोच अनुप्रयोगों से जुड़े सहायक घटकों के निर्माण और आपूर्ति करने वाली एक स्थापित कंपनी है। कंपनी की मौजूदगी डीजल-इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रिक दोनों प्लेटफॉर्म्स पर मजबूत है (सोर्स: 1 लैटिस रिपोर्ट)।

कंपनी ने अपने संचालन की शुरुआत वर्ष 2001 में रेलवे और ऑटोमोटिव अनुप्रयोगों के लिए फिल्टर के निर्माण और आपूर्ति से की थी। इसके बाद कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए लोकोमोटिव के लिए ट्रैक्शन मोटर, अल्टरनेटर, ब्रेक डिस्क, गैंगवे, स्टेटर और रोटर, मेट्रो के लिए प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स, विंड जनरेटर तथा अन्य संबद्ध सेवाओं के निर्माण और आपूर्ति में विविधीकरण किया है।

पायनियर फिल-मेड लिमिटेड ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल 500 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इस इश्यू में 1 रुपया फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर शामिल होंगे।

आईपीओ में 250 करोड़ रुपये तक का फ्रेश इश्यू और 250 करोड़ रुपये तक का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है, जिसे मौजूदा शेयरधारक बेचेंगे।

कंपनी इस इश्यू से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए करना चाहती है— पहला, राजस्थान के भिवाड़ी स्थित सालारपुर में गियर बॉक्स निर्माण संयंत्र स्थापित करने की लागत के आंशिक वित्तपोषण के लिए। दूसरा, सालारपुर, भिवाड़ी (राजस्थान) में विंड जनरेटर कंपोनेंट्स निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए। तीसरा, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए।

वर्ष 2023 में कंपनी ने रणनीतिक रूप से अपने कारोबार का विस्तार करते हुए रेलवे और ऑटोमोटिव से आगे बढ़कर नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश किया और विंड जनरेटर के उत्पादन और आपूर्ति की शुरुआत की। कंपनी का लक्ष्य भारत के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में एक स्केलेबल और टिकाऊ विनिर्माण प्लेटफॉर्म तैयार करना है। यह बाजार राष्ट्रीय डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों, ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, विंड पावर की घटती लागत और अनुकूल नीतिगत ढांचे से समर्थित है। इसमें भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा निर्धारित मानकों और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मॉडल और निर्माताओं की मंजूरी सूची जैसे ढांचे का भी समर्थन शामिल है (सोर्स: 1 लैटिस रिपोर्ट)।

इस इश्यू के लिए नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड और इक्विरस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर (बीआरएलएम) के रूप में नियुक्त किए गए हैं।

 

 

 

 

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