
समृद्ध भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम : दीपक करंजीकर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
पुणे: समृद्ध भारत के निर्माण के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझकर ईमानदारी से योगदान देना जरूरी है। युवाओं को सिर्फ नौकरी की ओर न देखकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह विचार प्रख्यात अर्थशास्त्र एवं समाजकारण के अध्ययनकर्ता दीपक करंजीकर ने व्यक्त किए।
नागरिक सोशल फाउंडेशन और डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “समृद्ध भारत और मैं” विषय पर आयोजित व्याख्यान में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर नागरिक सोशल फाउंडेशन के निदेशक प्रीतम थोरवे, अमेय सप्रे, शेखर यादव तथा वक्ता विभाग प्रमुख दीपक मेहेंदळे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
आगे बोलते हुए करंजीकर ने कहा कि भारत की समृद्धि केवल आर्थिक पहलुओं पर निर्भर नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों, नैतिकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता जैसे तत्व भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। डिजिटल युग में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में इस प्रगति को सही दिशा देने की जिम्मेदारी युवाओं पर है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे। प्रश्नोत्तर सत्र में करंजीकर ने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान संतोषजनक तरीके से किया, जिससे कार्यक्रम अधिक संवादात्मक और प्रभावी बन गया।



