
शिवपाल के गढ़ जसवंतनगर में ओवैसी की एंट्री, इटावा की तीनों सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा। बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी सक्रियता दिखाने के बाद अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के गृह जनपद इटावा में भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। जिले में “गेम बदल देंगे” जैसे नारों वाले पोस्टर लगने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
AIMIM के जिलाध्यक्ष ने घोषणा की है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में इटावा जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। इनमें जसवंतनगर विधानसभा सीट भी शामिल है, जिसे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव का परंपरागत गढ़ माना जाता है। पार्टी के इस ऐलान को जिले की राजनीति में एक नए समीकरण के रूप में देखा जा रहा है।
AIMIM की बढ़ती सक्रियता पर समाजवादी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भाजपा का “पोषित नेता” बताते हुए आरोप लगाया कि जहां-जहां AIMIM चुनाव मैदान में उतरती है, वहां विपक्षी वोटों का बंटवारा होता है और इसका सीधा लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के खिलाफ एकजुट है और ऐसे में विपक्षी वोटों के विभाजन की किसी भी कोशिश को जनता समझ रही है। वहीं AIMIM नेताओं का दावा है कि उनकी पार्टी सभी वर्गों की आवाज बनकर चुनाव मैदान में उतरेगी और इटावा की राजनीति में नया विकल्प पेश करेगी।
AIMIM के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ओवैसी की पार्टी की एंट्री से इटावा के चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा और इसका फायदा या नुकसान किस राजनीतिक दल को होगा।



