
कुमार समृद्धि सोसायटी के संचालक मंडल को तत्काल भंग किया जाए – डॉ. हुलगेश चलवादी
नागरिकों को मूलभूत अधिकारों से वंचित करने वालों पर कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे: विश्रांतवाड़ी स्थित कुमार समृद्धि को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के वर्तमान संचालक मंडल पर सहकारी कानून का उल्लंघन करने तथा उपनिबंधक के आदेश की अवहेलना कर सोसायटी के रहवासियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने मांग की है कि हितों के टकराव और भ्रष्टाचार में लिप्त इस संचालक मंडल को तत्काल भंग किया जाए। इस संबंध में उन्होंने सहकार आयुक्त, अपर आयुक्त तथा उपनिबंधक को विधिवत ज्ञापन सौंपा है।
डॉ. चलवादी ने मांग की है कि सोसायटी के संचालक मंडल को भंग कर एक जिम्मेदार प्रशासक नियुक्त किया जाए, जो अन्यायग्रस्त 96 फ्लैटधारकों का नाम ‘आई’ और ‘जे’ रजिस्टर में दर्ज कर उन्हें शेयर सर्टिफिकेट प्रदान करे। उन्होंने कहा कि कनिष्ठ न्यायालय एवं उच्च न्यायालय की टिप्पणियों के अनुसार जिन रहवासियों के पास इंडेक्स-2 उपलब्ध है, उन्हें सोसायटी की सदस्यता मिलनी चाहिए। वर्ष 2013 के हस्तांतरण दस्तावेज के अनुसार मात्र 1,000 रुपये जमा कर फ्लैटधारकों को सदस्य बनाया जाना था, लेकिन संचालक मंडल के कथित भ्रष्ट रवैये के कारण राशि जमा करने के बावजूद आज तक उन्हें सदस्यता नहीं दी गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 के अधिकृत वेद रियलिटी समझौते के अनुसार ए-6 एवं ए-7 इमारतों के 96 फ्लैटधारकों के पास भोगवटा प्रमाणपत्र, इंडेक्स-2 तथा पुणे महानगरपालिका की कर निर्धारण संबंधी मान्यता उपलब्ध है। इसके बावजूद, पुणे जिला न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करते हुए संचालक मंडल इन इमारतों को “अनधिकृत” बताकर रहवासियों की सामाजिक छवि धूमिल कर रहा है और कानूनी मान्यता प्राप्त होने के बावजूद उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
डॉ. चलवादी ने कहा कि उपनिबंधक कार्यालय ने 8 मई 2026 को रहवासियों के पक्ष में आदेश जारी किया था, लेकिन संचालक मंडल ने उसकी अवहेलना की। इसके विपरीत, 15 जून 2026 को एकतरफा नोटिस जारी कर दिसंबर 2023 से प्रति माह 2,000 रुपये के हिसाब से कुल 60,000 रुपये “सेवा शुल्क” के रूप में वसूलने की मांग की गई। रहवासियों का आरोप है कि यह नोटिस उपनिबंधक के आदेश की अवमानना करते हुए जबरन वसूली के उद्देश्य से जारी किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि रहवासियों को पीने के पानी की पाइपलाइन बिछाने से रोका जा रहा है। साथ ही, साइड मार्जिन में अवैध दीवार बनाकर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के आपातकालीन मार्ग को बंद कर दिया गया है। पार्किंग क्षेत्र में जानबूझकर वाहनों को बाहर निकालने में बाधा उत्पन्न करना तथा मेहमानों को परेशान करना जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।
डॉ. चलवादी ने कहा कि रहवासी वैधानिक मेंटेनेंस शुल्क देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें पहले ‘आई’ और ‘जे’ रजिस्टर में सदस्य के रूप में दर्ज कर शेयर सर्टिफिकेट दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा 60,000 रुपये की कथित अवैध वसूली संबंधी नोटिस पर तत्काल रोक लगाई जाए।



