
जल संरक्षण के संदेश के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान का हुआ समापन
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का हुआ सम्मान, ग्राम पंचायत घुघुरी में आयोजित हुआ कार्यक्रम
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन एवं सम्मान समारोह ग्राम पंचायत घुघुरी स्थित नंदा तालाब परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि कलेक्टर संजय कुमार जैन रहे। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही अभियान के सफल क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न विभागों, ग्राम पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। जनसहभागिता के माध्यम से जल स्रोतों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने अभियान के दौरान जिले में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया।
कलेक्टर ने जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा प्रत्येक नागरिक से जल बचाने एवं जल संरचनाओं के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी मानसून में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां हरियाली होगी, वहीं जल संरक्षण भी प्रभावी होगा। प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। कार्यक्रम में आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से अभियान के अंतर्गत जिले में कराए गए खेत तालाब निर्माण, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवरों का विकास, चेकडेम निर्माण, नालों की सफाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल गुणवत्ता परीक्षण, नदी संरक्षण तथा व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। समारोह के दौरान जल संरक्षण विषय पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई तथा परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन, सरपंच सुमन शर्मा, समाजसेवी सुरेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित
रहे।


