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अनन्या बिड़ला की स्वतंत्र माइक्रोफिन ने आईपीओ के लिए सेबी के पास दाखिल किया डीआरएचपी

अनन्या बिड़ला की स्वतंत्र माइक्रोफिन ने आईपीओ के लिए सेबी के पास दाखिल किया डीआरएचपी 

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र

अनन्या बिड़ला के नेतृत्व वाली समावेशी वित्त पर केंद्रित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) स्वतंत्र माइक्रोफिन लिमिटेड ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है।

प्रस्तावित आईपीओ में 1,500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,500 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। इस तरह आईपीओ का कुल आकार 3,000 करोड़ रुपये होगा।

फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का इस्तेमाल कंपनी के टियर-I पूंजी आधार को मजबूत करने में किया जाएगा। इसका उद्देश्य कारोबार और परिसंपत्तियों के विस्तार से उत्पन्न भविष्य की पूंजी जरूरतों को पूरा करना है, जिसमें आगे ऋण वितरण भी शामिल है।

स्वतंत्र माइक्रोफिन व्यक्तियों और छोटे उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराकर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है। इससे आजीविका मजबूत करने और विभिन्न समुदायों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में मुख्य रूप से माइक्रोफाइनेंस ऋण शामिल हैं। इसके अलावा, सहायक कंपनी स्वतंत्र माइक्रो हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से किफायती आवास वित्त और संपत्ति के बदले ऋण जैसे सुरक्षित ऋण उत्पाद भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

कंपनी की चेयरपर्सन और गैर-कार्यकारी निदेशक अनन्या बिड़ला हैं, जो आदित्य बिड़ला समूह की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। स्वतंत्र माइक्रोफिन देश की पहली संस्थाओं में थी, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 2011 में शुरू किए गए एनबीएफसी-एमएफआई लाइसेंस के तहत लाइसेंस मिला था।

 

31 मार्च 2026, 2025 और 2024 तक माइक्रोफाइनेंस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम-एमएफआई) के आधार पर स्वतंत्र माइक्रोफिन भारत की दूसरी सबसे बड़ी एनबीएफसी-माइक्रोफाइनेंस संस्था थी।

पिछले तीन वित्त वर्षों में यह भारत की सबसे तेजी से बढ़ने वाली NBFC-MFI में रही। कंपनी का AUM-MFI 31 मार्च 2024 के 14,437.87 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 21,093.22 करोड़ रुपये हो गया। इस अवधि में एयूएम में 20.87 प्रतिशत का सीएजीआर दर्ज किया गया।

भारत के कुल एयूएम-एमएफआई में कंपनी की हिस्सेदारी भी 31 मार्च 2024 के 3.26 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 6.37 प्रतिशत हो गई। 31 मार्च 2026 तक एयूएम-एमएफआई के आधार पर स्वतंत्र माइक्रोफिन बिहार और उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी एनबीएफसी-एमएफआई भी थी।

कंपनी की माइक्रोफाइनेंस जोखिम प्रबंधन रणनीति का एक प्रमुख आधार भौगोलिक विविधीकरण है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के एयूएम -एमएफआई में किसी एक जिले की हिस्सेदारी 2.74 प्रतिशत से अधिक नहीं थी, जबकि किसी एक राज्य की हिस्सेदारी 23.02 प्रतिशत से अधिक नहीं थी।

वित्त वर्ष 2025 और 2026 में स्वतंत्र माइक्रोफिन ने एमएफआई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बीच सबसे कम ग्रॉस स्टेज-3 अनुपात दर्ज किया, जो क्रमशः 2.24 प्रतिशत और 1.19 प्रतिशत रहा। कंपनी के प्रदर्शन को भौगोलिक विविधीकरण, अनुशासित ऋण मूल्यांकन, ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद और प्रभावी कलेक्शन व्यवस्था से समर्थन मिला।

चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड का 21 मार्च 2026 से स्वतंत्र माइक्रोफिन लिमिटेड में विलय हुआ। इससे कंपनी की मौजूदा भौगोलिक पहुंच को मजबूती मिली, खासकर दक्षिण भारत में, जहां चैतन्य की मजबूत मौजूदगी थी। इस विलय से कंपनी की देशभर में पहुंच और मजबूत हुई तथा उसका भौगोलिक रूप से विविध पोर्टफोलियो बरकरार रहा।

सेक्टर में दबाव के दौर के बावजूद स्वतंत्र माइक्रोफिन ने अन्य एमएफआई कंपनियों की तुलना में मजबूत प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष 2025 और 2026 में कंपनी का औसत एयूएम पर रिटर्न (RoAAUM) क्रमशः 2.90 प्रतिशत और 3.57 प्रतिशत रहा, जो एमएफआई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी कंपनियों में सबसे अधिक था।

माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में वित्त वर्ष 2025 और 2026 के दौरान क्रेडिट लागत बढ़ने और एसेट क्वालिटी पर दबाव के बावजूद कंपनी ने क्रमशः 13.66 प्रतिशत और 15.00 प्रतिशत का रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) दर्ज किया, जो एमएफआई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी कंपनियों में सबसे अधिक रहा।

31 मार्च 2026 तक कंपनी का माइक्रोफाइनेंस कारोबार 20 राज्यों के 394 जिलों में 2,123 शाखाओं के नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा था। कंपनी के पास 24,594 कर्मचारियों की ऑन-ग्राउंड टीम है, जिसमें 15,575 फील्ड ऑफिसर शामिल हैं।

इस व्यापक नेटवर्क के जरिए कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक अपने माइक्रोफाइनेंस कारोबार में 42,66,316 सक्रिय कर्जदारों को सेवाएं प्रदान कीं।

आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, एवेंडस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड हैं।

 

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