इटावा

दिव्यांजनों हेतु सहज अध्ययन केन्द्र का शुभारम्भ

दिव्यांजनों हेतु सहज अध्ययन केन्द्र का शुभारम्भ

ब्यूरो विशाल समाचार इटावा 

इटावा में आज   जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के परिसर में दिव्यांग बच्चों के लिए सहज अध्ययन केन्द्र का शुभारम्भ श्री सुभ्रान्त शुक्ल, जिलाधिकारी एवं श्री अजय कुमार गौतम, मुख्य विकास अधिकारी व श्री ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, श्री प्रेमपाल सिंह, प्राचार्य डायट, श्री लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, श्री उदय सिंह राज, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त डायट प्रवक्ता, श्रीमती अर्चना सिन्हा, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा, श्रीमती गायत्री वर्मा, प्रवक्ता एवं समस्त स्पेशल एजूकेटर की उपस्थिति मेें हुआ।

दिव्यांग बच्चों हेतु मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद के डायट परिसर में ‘‘सहज अध्ययन केन्द्र‘‘ की स्थापना कराई गयी है जिससे न केवल जनपद में बल्कि प्रदेश में एक मात्र ऐसा स्थान है जहाँ मूकबधिर, दृष्टिबाधित, मानसिक मंदित, शारीरिक दिव्यांग, आटिज्म के दिव्यांग बच्चों के लिए न केवल शिक्षण-प्रशिक्षण की व्यवस्था कराई अपितु उनके अभिभावकों के लिये भी प्रशिक्षण एवं काउसलिंग की व्यवस्था कराई गई ताकि दिव्यांग बच्चे अपने घर पर भी सहज अध्ययन केन्द्र में दिये गये प्रशिक्षण की निरन्तरता से जीवन को सुगम्य बना सकें।

उक्त सहज अध्ययन केन्द्र में दिव्यांगजना हेतु ब्रेल पुस्तकंे, श्रव्य सामग्री, सरल भाषा में पाठ्य सामग्री, रैम्प व सहायक उपकरण उपलब्ध है। यह केन्द्र न केवल शिक्षा को सुलभ बनाता है बल्कि समावेशी और समान अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रयास से दिव्यांग बच्चों का आत्मविशवास बढेगा और वे शिक्षा की मुख्य धारा से बेहतर जुड़ सकेगें। यह केन्द्र विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के माता पिता व अभिभावकों को भावनात्मक सबल प्रदान करेगा। केन्द्र के माध्यम से भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अर्चना सिन्हा, जिला समन्वयक ने बताया कि सहज अध्ययन केन्द्र के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे (सी.डब्लू.एस.एम.) को स्पेशल एजूकेशन, दैनिक जीवन की गतिविधियाँ (ए.डी.एल.), व्यवहार संशोधन, गेट प्रशिक्षण, पेरेन्ट काउसलिंग एवं बच्चों को प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।

यह सहज अध्ययन केन्द्र विशेष रूप से दृष्टिहीन, श्र्वणबाधित व शारीरिक रूप से असमर्थ बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इस प्रकार अध्ययन केन्द्र जनपद के सभी विकास खण्डों में केन्द्रों की स्थापना कराये जाने हेतु अनवरत प्रयास जारी है। जिससे जनपद के समस्त दिव्यांगजनों को योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

दिव्यांगजनों हेतु इस अनोखी पहल पर जिलाधिकारी द्वारा मुख्य विकास अधिकारी की प्रशंसा की गयी।

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