रीवा

सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार नहीं होना चाहिए – उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार नहीं होना चाहिए – उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल

युवा अपनी ऊर्जा, उत्साह और सोच को सही दिशा में लगाकर देश को ऊंचाईयों तक पहुंचाने का संकल्प लें – थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी

रीवा विशाल समाचार संवाददाता. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल आज विन्ध्य के गौरव थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की उपस्थिति में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में आयोजित युवा अभिप्रेरणा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर श्री शुक्ल ने कहा कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार नहीं होना चाहिए। संस्कारवान व्यक्ति के संस्कार उसे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवाओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप उत्तरोत्तर प्रगति करें और उच्च पदों पर पहुंचे जिससे देश और प्रदेश में आपका नाम सम्मान से लिया जाय।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि थल सेना अध्यक्ष के रीवा आगमन पर हम सब गौरवान्वित हैं। टीआरएस परिसर में उनके आगमन से उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। ऑपरेशन सिंदूर में थल सेना अध्यक्ष व नौसेना प्रमुख देश में हीरों के तौर पर उभर कर आयें हैं। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में उपस्थित जस्टिस व्ही.के. सिंह के मानस पटल पर भी रीवा की स्मृतियाँ सजीव हैं। उप मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय द्वारा किये गये कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि युवा शक्ति हमारे देश का वर्तमान व भविष्य हैं। इस कार्यक्रम से उन्हें जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिलेगी।

कार्यक्रम में थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा उत्साह और सोच को सही दिशा में लगाकर देश को ऊंचाईयों तक ले जाने का संकल्प लें। अनुशासन और मार्गदर्शन मिलने से हमारे देश की युवा शक्ति भारत को और आगे ले जाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, साहस, स्पष्टपता, साथ मिलकर कार्य करने तथा परिवर्तन ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलता दिलाई। प्रधानमंत्री जी ने सेना को खुली छूट दी और हमने आतंकवाद को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि सिंदूर अभियान की लड़ाई सिर्फ सेना ने नहीं बल्कि देशवासियों ने एकता के साथ लड़ी। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि टीआरएस कॉलेज की फुटबाल टीम को देखकर हम लोग के मन में ईर्षा होती थी। हमारे पूज्य पिता जी श्री कृष्ण द्विवेदी ने भी इस ऐतिहासिक महाविद्यालय में अपनी पढ़ाई की थी। इस महाविद्यालय का मेरी परवरिश में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि रीवा में आपसी भाईचारा और सौहार्द बहुत है। यहां सब लोग मिलकर रहते हैं और उनमें अपनत्व बहुत है। उन्होंने कहा कि रीवा की भूमि में अनेकों वीर सपूत दिये हैं जिनमें कई वीरचक्र, शौर्यचक्र एवं अन्य सम्मान प्राप्त योद्धा शामिल हैं। जनरल द्विवेदी ने सभी को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस की बधाई दी।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति व्ही.के. सिंह ने कहा कि विन्ध्य की विभूतियों ने कर्म से महानता अर्जित की है। थल सेना अध्यक्ष व नौसेना प्रमुख एक ही विद्यालय के एक साथ पढ़ने वाले छात्र हैं। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी ने रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाया है। रीवा का भाईचारा यहां की विशेषता है। जो अपनापन यहां है वह अन्य जगह देखने को नहीं मिलता है। कार्यक्रम में प्राचार्य श्रीमती अर्पिता अवस्थी ने थल सेना अध्यक्ष का शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। थल सेना अध्यक्ष ने महाविद्यालय के प्राचार्य को के-9 बज्र की प्रतिकृति भेंट की। इससे पूर्व थल सेना अध्यक्ष ने ठाकुर रणमत सिंह, शहीद पदमधर सिंह एवं माँ सरस्वती की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र ताम्रकार, डॉ. अमित तिवारी सहित प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अखिलेश शुक्ल ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. शिप्रा द्विवेदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के उपरांत थल सेना अध्यक्ष ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं कैडेट्स से भेंट की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button