सड़क दुर्घटना में मददगार ‘राह-वीर’ को अब मिलेगा ₹25,000 का पुरस्कार
इटावा, विशाल समाचार संवाददाता
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) ने बताया कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘राह-वीर योजना (गुड सेमेरिटन स्कीम)’ के संबंध में दिनांक 01 नवम्बर 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जानकारी साझा की गई।
🔹 गंभीर दुर्घटना की परिभाषा:
‘गंभीर दुर्घटना’ वह मोटर वाहन से जुड़ी दुर्घटना है जिसमें पीड़ित के उपचार के दौरान निम्न में से कोई एक स्थिति प्रमाणित हो —
(ए) प्रमुख बड़ी शल्यक्रिया की गई हो।
(बी) न्यूनतम तीन दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा हो।
(सी) मस्तिष्क की चोट लगी हो।
(डी) रीढ़ की हड्डी में चोट आई हो।
(ई) इलाज के दौरान पीड़ित की मृत्यु हो गई हो।
यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना के पीड़ित को “गोल्डन ऑवर” के भीतर निकटतम अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुँचाकर तत्काल सहायता प्रदान करता है, तो वह व्यक्ति ‘राह-वीर योजना’ के अंतर्गत पुरस्कार के लिए पात्र होगा — चाहे बाद में पीड़ित की मृत्यु ही क्यों न हो।
अस्पताल/ट्रॉमा सेंटर द्वारा मृत्यु का कारण सड़क दुर्घटना प्रमाणित किया जाना आवश्यक होगा।
जनपद स्तरीय अप्रेज़ल कमेटी:
1️⃣ जिलाधिकारी — अध्यक्ष
2️⃣ पुलिस अधीक्षक — सदस्य
3️⃣ मुख्य चिकित्सा अधिकारी — सदस्य
4️⃣ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) — नोडल अधिकारी
कौन बन सकता है राह-वीर:कोई भी व्यक्ति जो सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुँचाए, अपना नाम व पता दर्ज कराए और संबंधित अस्पताल/ट्रॉमा सेंटर द्वारा घटना की सूचना अप्रेज़ल कमेटी को भेजी जाए, वही व्यक्ति ‘राह-वीर’ कहलाएगा।
पुरस्कार राशि:राह-वीर योजना के अंतर्गत सहायता राशि ₹5,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है।

