
चवदार तळे सत्याग्रह की शताब्दी वर्ष पर रिपब्लिकन पार्टी द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन
केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले ने दी जानकारी
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: प्रतिनिधि: दलित समाज पर हुए अन्याय के खिलाफ संघर्ष में ऐतिहासिक महत्व रखने वाले चवदार तळे सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने पत्रकार परिषद में दी।
उन्होंने बताया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन ने दलित समाज के अधिकारों के लिए एक नया अध्याय शुरू किया था, और अब उसके 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समाज में समता और जागरूकता फैलाने के लिए विशेष पहल की जाएगी।
रिपब्लिकन पार्टी की राज्य कार्यकारिणी एवं प्रमुख नेताओं की बैठक पुणे में संपन्न हुई, जिसमें राजाभाऊ सरोदे (महाराष्ट्र अध्यक्ष), अविनाश महातेकर (प्रदेश सरचिटणीस), गौतम सोनवणे, बाबूराव कदम (प्रदेश कार्याध्यक्ष), आशाताई लांडगे (राष्ट्रीय सरचिटणीस), बाळसाहेब जानराव, परशुराम वाडेकर, संजय सोनवणे (पुणे शहराध्यक्ष), चंद्रकांता सोनाकांबळे (महिला प्रदेशाध्यक्ष), पप्पू कागदे (युवा आघाड़ी अध्यक्ष) सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई।

शताब्दी वर्ष के अवसर पर राज्यव्यापी “समता परिवर्तन यात्रा” निकाली जाएगी, जिसकी शुरुआत 14 अक्टूबर, धम्मचक्र परिवर्तन दिन के दिन सातारा स्थित डॉ. आंबेडकर की मातोश्री भीमाई के स्मारक से होगी, जबकि समापन पुणे में 10 नवंबर को किया जाएगा। यह आयोजन महात्मा ज्योतिबा फुले के जन्म द्विशताब्दी वर्ष के अवसर से भी जुड़ा रहेगा।
इसके अलावा राज्य के प्रत्येक विभाग में सामाजिक समता परिषदों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें दलित समाज के विकास और सामाजिक समानता के मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। समतावादी विचारकों और साहित्यकारों के सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। आठवले ने कहा कि भले ही अस्पृश्यता में कमी आई है, लेकिन जातीय भेदभाव अब भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और दलितों पर अत्याचार की घटनाएं जारी हैं।
उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर को कोल्हापुर में बौद्ध धम्म परिषद आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही राज्यभर में महिला समता परिषद, आंबेडकरी शाहीर कलाकारों की प्रतियोगिताएं और खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
रामदास आठवले ने कहा कि उन्हें तीन बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा में जाने का अवसर मिला है, जिसका उपयोग वे आंबेडकरी विचारधारा के प्रचार-प्रसार और रिपब्लिकन पार्टी के देशव्यापी विस्तार के लिए करेंगे।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के संदर्भ में कहा कि तृणमूल कांग्रेस की नीतियों का विरोध करते हुए रिपब्लिकन पार्टी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करेगी तथा वहां अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। वे सात तारीख से एनडीए उम्मीदवारों के प्रचार के लिए दौरा भी करेंगे।
आठवले ने बताया कि तमिलनाडु में पार्टी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि असम में चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे। केरल में एक सीट पर उम्मीदवार होगा, जबकि पुडुचेरी में पार्टी भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन देगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 किए जाने का प्रस्ताव है, जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या लगभग 273 तक हो सकती है। इस विषय पर चर्चा के लिए 16 तारीख से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग और भटके-विमुक्त वर्ग की महिलाओं को नहीं मिल पाएगा, क्योंकि उन्हें अभी तक राजनीतिक आरक्षण प्राप्त नहीं हुआ है। रिपब्लिकन पार्टी की मांग है कि अनुसूचित जाति और जनजाति की तरह इन वर्गों को भी राजनीतिक आरक्षण दिया जाए।
राज्य के बजट सत्र के बाद आगामी वर्षा सत्र से पहले विभिन्न महामंडलों में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां की जाएं, यह मांग भी उन्होंने रखी। उन्होंने बताया कि देवेंद्र फडणवीस ने रिपब्लिकन पार्टी को विधान परिषद में एक सीट और विभिन्न महामंडलों में प्रतिनिधित्व देने का आश्वासन दिया है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।
बारामती विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में उन्होंने कहा कि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन से रिक्त हुई सीट पर चुनाव बिना विरोध के होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ से चुनाव न लड़ने का आग्रह किया और राहुल गांधी से भी इस संबंध में निर्देश देने की अपील की। यदि चुनाव होता है, तो वे उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के समर्थन में प्रचार करेंगे।
अशोक खरात प्रकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नेताओं को तथाकथित ढोंगी बाबाओं के प्रभाव में नहीं आना चाहिए। इस मामले में मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देश पर विशेष जांच दल द्वारा जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महिपाल वाघमारे, शाम सदाफुले, मोहन जगताप, जयदेव रंधवे, संदीप धाडोरे सहित स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

