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घोड़गंगा चीनी मिल को फिर से शुरू करने के लिए त्रुटियां दूर कर NSDC को दोबारा भेजें ऋण प्रस्ताव: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार

घोड़गंगा चीनी मिल को फिर से शुरू करने के लिए त्रुटियां दूर कर NSDC को दोबारा भेजें ऋण प्रस्ताव: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

पुणे,। रावसाहेबदादा पवार घोड़गंगा सहकारी चीनी मिल शिरूर तालुका की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। मिल पर निर्भर हजारों किसान, गन्ना उत्पादक, कर्मचारी, छोटे उद्यमी और उनके परिवारों के हित को देखते हुए इसे फिर से शुरू करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। मिल को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए NSDC को भेजे गए प्रस्ताव में जो त्रुटियां हैं, उन्हें तत्काल दूर कर संशोधित ऋण प्रस्ताव दोबारा प्रस्तुत किया जाए। यह निर्देश महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने दिए।

 

सह्याद्री राज्य अतिथिगृह में रावसाहेबदादा पवार घोड़गंगा सहकारी चीनी मिल को दोबारा शुरू करने के संबंध में आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। बैठक में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटील, शिरूर के विधायक ज्ञानेश्वर कटके, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. राजेश देशमुख, सहकार आयुक्त एवं निबंधक दीपक तावरे (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते सहित संबंधित अधिकारी और मिल से जुड़े पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

तीन गन्ना पेराई सत्र से बंद है मिल

 

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने बताया कि घोड़गंगा सहकारी चीनी मिल का कार्यक्षेत्र पूरे शिरूर तालुका में फैला है। इसके अंतर्गत तालुका के 98 गांव आते हैं और मिल के करीब 19 हजार सदस्य हैं।

 

पिछले तीन गन्ना पेराई सत्र से मिल बंद होने के कारण मिल पर निर्भर किसानों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा है।

 

NSDC को दोबारा भेजा जाएगा संशोधित प्रस्ताव

 

मिल को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से NSDC को प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि, प्रस्ताव में कुछ त्रुटियां पाए जाने के कारण इसे वापस कर दिया गया।

 

उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्ताव में पाई गई सभी त्रुटियों को तत्काल दूर कर संशोधित ऋण मांग प्रस्ताव दोबारा NSDC के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि आर्थिक सहायता की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

 

हजारों परिवारों को मिलेगा फायदा

 

सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि घोड़गंगा मिल केवल एक चीनी मिल नहीं, बल्कि शिरूर तालुका की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। मिल दोबारा शुरू होने से गन्ना उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही मिल के कर्मचारी, परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग, छोटे उद्यमी और मिल से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हजारों परिवारों को भी लाभ मिलेगा।

 

उन्होंने अधिकारियों को किसानों और कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए मिल को दोबारा शुरू करने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक सभी कदम तेजी से उठाने के निर्देश दिए।

 

अधिकारियों और मिल प्रबंधन की बैठक के निर्देश

 

उपमुख्यमंत्री ने मिल को शुरू करने के लिए आवश्यक विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और मिल प्रबंधन की तत्काल बैठक आयोजित करने को भी कहा, ताकि लंबित मुद्दों का समाधान तेजी से किया जा सके।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिरूर तालुका के किसानों और मिल पर निर्भर हजारों परिवारों को राहत देने के लिए घोड़गंगा चीनी मिल को दोबारा शुरू करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रस्ताव की त्रुटियां दूर कर आर्थिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

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