
जनपद में धारा-144 लागू-अपर जिला मजिस्ट्रेट जय प्रकाश
इटावा यूपी:अपर जिला मजिस्ट्रेट जय प्रकाश ने बताया कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सासन गृह गोपन अनुभाग-3 द्वारा कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण हेतु गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत गाइडलाइन/दिषा के क्रम में एवं शासनादेश के क्रम में तथा दि. 14 जनवरी 2022 को मकर संक्रान्ति में, दि.24 जनवरी को जन नायक कपूरी ठाकुर जन्म दिवस, दि. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस, दि.27 जनवरी को हजरत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिष्ती अजमेरी गरीब नवाज रह. का उस तथा माह जनवरी 2022 में आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं के दृष्टिगत जनपद इटावा मे असामाजिक व्यक्तियों /तत्वों द्वारा शांतित व्यवस्था भंग करने के विषय में गोपनीय आधार पर समाधान हो गया है कि जनपद में कानून एवं शांतित व्यवस्था बनाये रखने हेतु तथा किसी सभ्भावित अपि्रय घटना को रोकने के लिए निरोधात्मक कदम उठाया जाना आवष्यक है। चूंकि समय कम है अतः ऐसी परिस्थिति मेें आदेश की तामीला संबंधित व्यक्तियों पर व्यक्तिगत रूप से किया जाना सभ्भव नहीं हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए एक पक्षीय रूप से दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 धारा के अन्तर्गत जनपद में निषेधाज्ञा लागू की जाती है।
अपर जिलाधिकारी/अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि इस दौरान पांच अथवा पांच से अधिक संख्या में किसी भी स्थान पर एकत्रित होना वर्जित, कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, अस्त्र-शस्त्र, लाठी, डंडा, चाकू, हाकी तथा जिसका प्रयोग हिंसा के लिए किया जा सके लेकर नहीं चलेगा और ना ही ईट पत्थर रोड़े आदि एकत्रित कर किसी प्रकार से मार्ग को अवरूद्ध किया जायेगा। अस्त्र-शस्त्र अथवा लाठी लेकर चलने का प्रतिबन्ध डियूटी पर कार्यरत पुलिस अथवा कानून एवं शांतित व्यवस्था में लगेे राज्य कर्मियों पर लागू नहीं होगा तथा रूग्णावस्था वाले एवं वृद्ध व्यक्तियों पर लाठी/डंडा लेकर चलने का प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा।
उन्होने बताया कि माह जनवरी 2022 में होने वाली परिक्षाओं के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि में अनाधिकृत रूप से एकत्र नहीं होगा। परीक्षा केन्द्रों के आसपास की 500 मीटर की परिधि में फोटो स्टेट मशीनों की दुकाने परीक्षा अवधि में पूर्णतः बन्द रहेंगी, परीक्षा केन्द्रो के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग तथा परिसर में मोबाइलफोन,ब्लूटूथ अन्य संचार संबंधी उपकरण एवं आईटी.गजेट्स ले जाना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा ।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त के अतिरिक्त कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम एवं बचाव के दृष्टिगत इस कार्यालय द्वारा निर्गत आदेषों का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश जनपद में दिनांक 31 जनवरी 2022 तक लागू रहेगा यदि इससे पूर्व अपास्त न कर दिया जाये। चिष्ती अजमेरी गरीब नवाज रहे
का उस तथा माह जनवरी 2022 में आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं के दृष्टिगत जनपद इटावा मे असामाजिक व्यक्तियों /तत्वों द्वारा शांति व्यवस्था भंग करने के विषय में गोपनीय आधार पर समाधान हो गया है कि जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु तथा किसी सभ्भावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए निरोधात्मक कदम उठाया जाना आवष्यक है। चूंकि समय कम है अतः ऐसी परिस्थिति मेें आदेश की तामीला संबंधित व्यक्तियों पर व्यक्तिगत रूप से किया जाना सभ्भव नहीं हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए एक पक्षीय रूप से दण्ड प्रकि्रया संहिता की धारा-144 धारा के अन्तर्गत जनपद में निषेधाज्ञा लागू की जाती है।
अपर जिलाधिकारी/अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि इस दौरान पांच अथवा पांच से अधिक संख्या में किसी भी स्थान पर एकत्रित होना वर्जित, कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र, अस्त्र-शस्त्र, लाठी, डंडा, चाकू, हाकी तथा जिसका प्रयोग हिंसा के लिए किया जा सके लेकर नहीं चलेगा और ना ही ईट पत्थर रोड़े आदि एकत्रित कर किसी प्रकार से मार्ग को अवरूद्ध किया जायेगा। अस्त्र-शस्त्र अथवा लाठी लेकर चलने का प्रतिबन्ध डियूटी पर कार्यरत पुलिस अथवा कानून एवं शांति व्यवस्था में लगेे राज्य कर्मियों पर लागू नहीं होगा तथा रूग्णावस्था वाले एवं वृद्ध व्यक्तियों पर लाठी/डंडा लेकर चलने का प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा।
उन्होने बताया कि माह जनवरी 2022 में होने वाली परिक्षाओं के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि में अनाधिकृत रूप से एकत्र नहीं होगा। परीक्षा केन्द्रों के आसपास की 500 मीटर की परिधि में फोटो स्टेट मशीनों की दुकाने परीक्षा अवधि में पूर्णतः बन्द रहेंगी, परीक्षा केन्द्रो के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग तथा परिसर में मोबाइलफोन,ब्लूटूथ अन्य संचार संबंधी उपकरण एवं आईटी.गजेट्स ले जाना पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा ।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त के अतिरिक्त कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम एवं बचाव के दृष्टिगत इस कार्यालय द्वारा निर्गत आदेषों का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेष जनपद में दिनांक 31 जनवरी 2022 तक लागू रहेगा यदि इससे पूर्व अपास्त न कर दिया जाये।

