18 जुलाई तक रचनाकारों के लिए प्रकाशन अनुदान योजना में आवेदन का मौका
इटावा, विशाल समाचार
उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के निदेशक जितेन्द्र कुमार, आईएएस ने जानकारी दी है कि संस्थान की प्रकाशन अनुदान योजना के तहत ऐसे रचनाकार, जिनकी वार्षिक आय सभी स्रोतों से 5 लाख रुपये तक है, अपनी पाण्डुलिपि के मुद्रण के लिए अनुदान हेतु आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत अधिकतम 200 पृष्ठों की पाण्डुलिपि स्वीकार की जाएगी और पाण्डुलिपि के साथ आवेदन पत्र, तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र, तीन प्रेसों के कोटेशन तथा दो साहित्यकारों की संस्तुतियाँ अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होंगी।
प्रस्तुत पाण्डुलिपि वापस नहीं की जाएगी। स्वीकृत पाण्डुलिपि का मुद्रण लेखक या उसके उत्तराधिकारी द्वारा कराया जाएगा तथा निर्धारित तिथि तक मुद्रित पुस्तक की पांच प्रतियाँ एवं मुद्रक का प्रमाण-पत्र संस्थान में जमा करना होगा। शोध ग्रंथों और सम्पादित पाण्डुलिपियों को अनुदान नहीं मिलेगा।
योजना की नियमावली एवं आवेदन पत्र का प्रारूप संस्थान कार्यालय से कार्यदिवस में या वेबसाइट www.uphindisansthan.in से प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 है।



