
इंडियन असोसिएशन ऑफ ऑक्युपेशनल हेल्थ पुणे शाखा के द्वारा ऑक्युपेशनल हेल्थ डे के अवसर पर विशेष कार्यक्रम संपन्न
पुणे,: इंडियन असोसिएशन ऑफ ऑक्युपेशनल हेल्थ (आयएओएच) ने नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर की सहकार्य से ऑक्युपेशनल हेल्थ डे (13 जुलै) बड़े उत्साह के साथ मनाया. रामी ग्रँड में हुए इस कार्यक्रम में आरोग्य क्षेत्र में कार्यरत लोगों ने बड़ी मात्रा में भाग लिया. इस साल की संकल्पना कनेक्टेड, कंपॅशनेट ॲन्ड इनक्लुझिव्ह : अ न्यू एरा ऑफ रेझिलियंट ॲन्ड हेल्दी वर्क प्लेसेस यह थी .
आयएओएच पुणे के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार कुलकर्णी ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए उद्घाटनपर भाषण किया. उसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया और आयएओएच के मानद सचिव डॉ. दीपाली खोडे ने इस साल के दिनविशेष संकल्पना से पहचान करवाई. इस समय डॉ. पंकज राऊत, डॉ. रोतीथोर, डॉ. सुहास कानिटकर और डॉ.अजय धोंगडे उपस्थित थे.
इस कार्यक्रम में ऑक्युपेशनल हेल्थ क्षेत्र के शैक्षणिक योगदान के बारे में डॉ. बी. जी सहस्त्रबुद्धे का सम्मान किया गया. साथ ही में पहला प्रा. डॉ. बी. जी. सहस्त्रबुध्दे ॲकेडेमिक पुरस्कार 2025 यह व्यावसायिक उत्कृष्टता और कार्य के योगदान के लिए डॉ.एस.पी.टेंबे को प्रदान किया गया.
डॉ. टेंबे ने आधुनिक कार्यस्थल पर सहानुभूती, समावेशकता और लचीलापन का महत्त्व स्पष्ट करते हुए एक मार्मिक बीजभाषन किया.
इसके बाद इस कार्यक्रम में तज्ञों के द्वारा वैज्ञानिक सादरीकरण किया गया. डॉ. गोविंद नरके ने पीसीएमसी में टीबी मुक्त कार्यस्थल उपक्रम के बारे में जानकारी दी, और ऑटोमोबाईल उद्योग में शॉप फ्लोअर कर्मचारी के लिए किये जाने वाले एर्गोनॉमिक्स कार्यक्रम के प्रभावशीलता पर डॉ. पंकज राऊत ने प्रस्तुति की.
ऑक्युपेशनल हेल्थ क्षेत्र में कार्यरत व्यावसायिकों में ज्ञान का आदान-प्रदान, सन्मान और परस्पर संवाद के लिए यह एक उत्तम मंच साबित हुआ.
कार्यक्रम का समारोप नोबल हॉस्पिटल ॲन्ड रिसर्च सेंटर की ओर से आयोजित सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) इस सत्र से हुआ. सीएमई में तज्ञोंने काम के जगह लगने वाली चोट और बीमारियों के लिए प्रगत उपचार और प्रतिबंध जैसे विविध महत्त्वपूर्ण विषयों पर सादरीकरण किया, जिसमें हाथ की चोट पर उपचार, सिर दर्द और गर्दन में दर्द, मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता इत्यादि का समावेश था. डॉ. एस.के. राऊत, डॉ. रवी स्वामीनाथन, डॉ. चंद्रशेखर रमण, डॉ. भूपेंद्र गुप्ता और डॉ. अक्षय राऊत ने सादरीकरण किया.



