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गांधी जयंती पर पुणे में 17 किलोमीटर सत्याग्रह मार्च; पशु मुक्ति और पौध-आधारित आहार का संदेश

गांधी जयंती पर पुणे में 17 किलोमीटर सत्याग्रह मार्च; पशु मुक्ति और पौध-आधारित आहार का संदेश

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, : महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर पुणे एनिमल लिबरेशन की ओर से पशु अधिकार, अहिंसा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए पुणे में 17 किलोमीटर लंबे सत्याग्रह मार्च का आयोजन किया गया। मार्च में 120 से अधिक युवाओं, जागरूक नागरिकों और पशु प्रेमियों ने भाग लिया।

 

इस पहल का उद्देश्य पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, डेयरी उद्योग में पशुओं की स्थिति को सामने लाना तथा पौध-आधारित आहार को एक विकल्प के रूप में प्रोत्साहित करना था।

 

मार्च की शुरुआत कोथरूड स्थित गांधी भवन से हुई। इसके बाद यह कार्वे प्रतिमा, डेक्कन, फर्ग्युसन कॉलेज रोड, जंगली महाराज रोड, पुणे महानगरपालिका मुख्यालय और जिला कलेक्टर कार्यालय से होते हुए येरवडा स्थित ऐतिहासिक आगाखान पैलेस पहुंचा। सफेद परिधान में शामिल प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से मार्च किया और मार्ग में नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया।

 

मार्च के दौरान विभिन्न स्थानों पर पशुओं की पीड़ा, डेयरी उद्योग की वास्तविकता और पर्यावरणीय क्षरण को दर्शाने वाली स्ट्रीट चॉक आर्ट बनाई गई। स्वयंसेवकों ने नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए जानकारीपरक पर्चे वितरित किए तथा विद्यार्थियों, पेशेवरों और नागरिकों से संवाद किया।

 

आयोजकों ने संविधान के अनुच्छेद 51A(g) के तहत सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा रखने के नागरिक कर्तव्य पर जोर दिया। साथ ही आधुनिक पशुपालन और डेयरी उद्योग में पशुओं की परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए पौध-आधारित आहार को एक वैकल्पिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।

 

अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन

 

मार्च के दौरान जिला कलेक्टर कार्यालय और पुणे महानगरपालिका को विभिन्न मांगों वाले ज्ञापन सौंपे गए। इनमें पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का कड़ाई से पालन, जिला पशु क्रूरता निवारण सोसायटी (SPCA) को सक्रिय करना, सरकारी खरीद के माध्यम से पौध-आधारित खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना तथा अस्वच्छ और अवैध मांस बिक्री प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल थी।

 

आयोजकों ने शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की कैंटीन में पौध-आधारित खाद्य विकल्प उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसके अलावा विज्ञान प्रयोगशालाओं में पशु विच्छेदन के विकल्प के रूप में डिजिटल सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की मांग रखी गई।

 

पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता केवल व्यक्तिगत खान-पान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक नीतियों में भी दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने पशु अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य को एक-दूसरे से जुड़े मुद्दे बताया।

 

सत्याग्रह मार्च का समापन आगाखान पैलेस में हुआ। यहां महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी और महादेव देसाई के स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से अहिंसा का संकल्प लिया।

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